पुराने विवाद में बांस के डंडे से की थी मारपीट, उपचार के दौरान हुई थी मालिकराम श्रीवास की मौत
मुंगेली। थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के अपराध क्रमांक 156/2024 से जुड़े हत्या के गंभीर मामले में सत्र न्यायालय मुंगेली ने आरोपी सुखचंद यादव पिता धनुष यादव, निवासी ग्राम संगवाकापा, जिला मुंगेली को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹500 का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 27 अगस्त 2026 को सत्र न्यायाधीश मुंगेली गिरिजा देवी मरावी ने सुनाया।
पीपल पेड़ के नीचे हुई थी मारपीट
अभियोजन के अनुसार घटना 1 अप्रैल 2024 की रात करीब 8 बजे की है। आरोपी सुखचंद यादव ने गांव के बगीचा क्षेत्र में पीपल पेड़ के नीचे मालिकराम श्रीवास के साथ बांस के डंडे से मारपीट की थी। मारपीट में मालिकराम को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल मुंगेली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया गया कि आरोपी और मृतक के बीच वर्ष 2023 में भी विवाद हुआ था। अभियोजन के अनुसार, पुराने विवाद को लेकर आरोपी ने मालिकराम श्रीवास के साथ मारपीट की, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
31 गवाहों के बयान कराए गए
मामले में अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध आरोप साबित करने के लिए न्यायालय के समक्ष विभिन्न साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रकरण में अभियोजन की ओर से कुल 31 गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया गया। गवाहों के बयान और मामले से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने आरोपी की अपराध में संलिप्तता साबित करने का प्रयास किया।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद आरोपी सुखचंद यादव को हत्या के अपराध में दोषी माना। इसके बाद धारा 302 भारतीय दंड विधान के तहत उसे आजीवन कारावास और ₹500 अर्थदंड से दंडित किया गया।
लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी
इस प्रकरण में शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों, साक्ष्यों और कानूनी तथ्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखा।
न्यायालय के इस फैसले को हत्या के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद मृतक के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।