यादव समाज सेवा समिति मुंगेली के तत्वावधान में भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित

मुंगेली@भास्कर पथ । यादव समाज सेवा, कला, संस्कृति एवं साहित्य उन्नयन समिति मुंगेली, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में दिनाँक- 03 सितंबर 2026 विश्वगुरु प्रभु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि कवयित्री नंदिता माजी शर्मा मुंबई महाराष्ट्र थी। विशिष्ट अतिथि प्रो. जयनाथ कवि गया बिहार, डॉक्टर अलका यादव बिलासपुर, कवयित्री मुस्कान केशरी मुजफ्फरपुर बिहार, सहोरिक यादव नायब तहसीलदार घुठेली मुंगेली थे। इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता इस समिति के अध्यक्ष कवि अशोक कुमार यादव मुंगेली के द्वारा किया गया। विद्या की देवी माँ सरस्वती की वंदना कवि ओ.पी.कौशिक रतनपुरिहा पेंड्रा ने और गुरु वंदना पंडित धनंजय यादव बिरकोना बिलासपुर ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संचालन का कार्य कवि अनिल जायसवाल बिलासपुर ने किया। काव्य पाठ करने वाले आमंत्रित स्वर के रूप में कवि सुरेश कुमार बन्छोर भिलाई, कवि कुशकुमार साहू मोपर, कवयित्री रश्मि अग्रवाल ‘किरन’ बिलासपुर, कवि रामभरोस यादव जमकोर, कवयित्री डॉ. ललिता यादव बिलासपुर, कवि राममिलन यादव लोरमी, वरिष्ठ कवि घनश्याम जायसवाल बिलासपुर, कवि पून्नू गौंटिया लोरमी, कवि मुक्कू यादव बिलासपुर, कवि अनुराग बघेल बिजराकापा खुर्द, कवि सुरेंद्र कुमार केवट लवन, कवि लोकेश कुमार साहू‌ प्रतापपुर, कवि सागर केशरवानी घुठेरा नवागाँव, कवि आदित्य कुमार जायसवाल मरवाही, कवि यशवंत पात्रे बिजराकापा खुर्द, कवि पुहुप पुष्पराज निषाद मोपर, कवि जयंत यादव रायगढ़, कवि हरीश यादव इंदलपुर, कवि बिजेंद्र अहीर कोरिया, कवि दिनेश कुमार दुबे ‘दिव्य’ तखतपुर, विरेन्द्र कुमार यादव सहित सभी कवियों एवं कवयित्रियों ने गुरुदेव दया करके हमको अपना लेना, बसा लो अपने हृदय में कृष्ण, तेरे बिना राधा अधूरा है, लिख-लिख पतिया पूरी सारी रतिया, भाई-बहिन के मया के चिन्हा, मथुरा की गलियों से लेकर वृंदावन तक, जल्दी कान्हा आओ, नारी तेरी क्या परिभाषा, मैं कृष्णचंद्र का गुणगान करता हूँ, जिनके मन में कृष्ण बसे हैं, नमन करूँ वंदन करूँ, गुरु का गौरव, आज कितना सार्थक है, जय माधव कृष्ण गोविंदा, बंदीगृह में जन्मे स्वामी त्रिकालदर्शी तुम अंतर्यामी, नैना थक गए राह निहारूँ कन्हैया, टूटी माला जैसी बिखरी किस्मत आज किसान की, मन पावन आगे रे, यशोदा का प्यारा मुरली मनोहर राधा रमन, यशोदा जू के नंदन आँखों के तारे, विश्वगुरु भगवान श्रीकृष्ण, आल्हा तर्ज पर, मैथिली कविता, डमरू घनाक्षरी इत्यादि विषय पर श्रीकृष्ण जी के जीवन चरित्र का गुणगान कर एक से बढ़कर एक सुंदर छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी कविताएँ प्रस्तुत किये। समिति की ओर से सभी 50 कवियों, कवयित्रियों, पदाधिकारियों और पंडितों को उत्कृष्ट कार्यों, समाज सेवा, प्रतिभा एवं साहित्यिक योगदान के लिए
“श्रीकृष्ण भक्त शिरोमणि सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। आभार प्रदर्शन समिति के अध्यक्ष कवि अशोक कुमार यादव के द्वारा किया गया।

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