उज्जैन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन, समाज की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान
उज्जैन । महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में रविवार को राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन, दिल्ली का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। माधव सेवा न्यास, महाकालेश्वर भक्त निवास, भारत माता मंदिर के समीप आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देशभर से पहुंचे समाजबंधुओं और महासंगठन के पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तोखन साहू ने कहा कि महाकाल की नगरी में देशभर से आए साहू समाज के लोगों के बीच उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार सशक्त हो रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मां कर्मा की भक्ति और परंपरा समाज की पहचान
तोखन साहू ने साहू समाज की आध्यात्मिक एवं गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए कहा कि समाज की सांस्कृतिक चेतना मां कर्मा, भक्त माता राजिम, मां तेलीन दाई, मां भानेश्वरी, प्रभु राजीव लोचन तथा भगवान जगन्नाथ प्रभु की भक्ति और आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। इन आराध्य शक्तियों और महान परंपराओं ने समाज को भक्ति, सेवा, त्याग, सद्भाव और संस्कारों का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने कहा कि मां कर्मा की भक्ति और समर्पण समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। मां कर्मा के सम्मान में डाक टिकट जारी होना पूरे साहू समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि डाक टिकट जारी कराने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। यह केवल डाक टिकट नहीं, बल्कि समाज की महान विभूति को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है।
भामाशाह सहित महान विभूतियों को किया याद
केंद्रीय राज्यमंत्री ने भामाशाह सहित समाज की अन्य महान विभूतियों के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि समाज के इतिहास में सेवा, त्याग, दान, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की समृद्ध परंपरा रही है। इस गौरवशाली विरासत को केवल स्मरण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे अपने आचरण और नई पीढ़ी के संस्कारों में भी आत्मसात करना आवश्यक है।
उन्होंने समाज के वरिष्ठजनों और नेतृत्वकर्ताओं से नई पीढ़ी को शिक्षा एवं संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन-मूल्यों से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर
तोखन साहू ने कहा कि समाज के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए संगठित और प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए। युवाओं को अपनी क्षमता और प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, व्यवसाय तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में करें। शिक्षित, संस्कारवान और नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
आस्था शक्ति, विरासत पहचान और युवा भविष्य
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी आस्था हमारी शक्ति है, हमारी विरासत हमारी पहचान है और हमारी नई पीढ़ी हमारा भविष्य है। इसलिए समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और महान विभूतियों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सेवा, युवा विकास और नशामुक्ति जैसे विषयों पर निरंतर कार्य करें। इससे समाज की एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूती मिलेगी।
देशभर से पहुंचे पदाधिकारी
राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय तेली साहू महासंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहू मुरारी एच. गुप्ता, राष्ट्रीय महामंत्री साहू रामललित गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. महेंद्र साहू सहित देशभर से आए महासंगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाज की एकता, विरासत, शिक्षा, संस्कार और युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।