
मुंगेली । जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश के चलते मनियारी और शिवनाथ नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी, राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय में भारी जल आवक और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
खुड़िया बांध के जलस्तर पर हर घंटे नजर
जल संसाधन विभाग को राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय के जलस्तर की हर घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के गांवों को समय रहते सूचना देने पर विशेष जोर दिया गया है।
प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, डाउनस्ट्रीम गांवों को कम से कम 3 घंटे पहले सूचना दिए बिना और जिला दंडाधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मनियारी नदी में आपातकालीन जल डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।
जलमग्न पुल और रपटों पर जीरो क्रॉसिंग नीति
भारी बारिश के बीच पुलिस और यातायात पुलिस को सभी रपटों और कॉजवे पर मजबूत बैरिकेडिंग करने तथा जीरो क्रॉसिंग नीति का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलमग्न पुल, रपटा या सड़क से किसी भी वाहन अथवा पैदल व्यक्ति को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। लोगों से ऐसे रास्तों को पार करने की कोशिश नहीं करने की अपील की गई है।
अस्पतालों में एंटी-वेनम और जरूरी दवाओं का स्टॉक
बारिश के दौरान सर्पदंश समेत अन्य आपात स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-वेनम, क्लोरीन टैबलेट और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीम और एंबुलेंस सेवाओं को 24 घंटे स्टैंडबाय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश
जलभराव वाले इलाकों में आवश्यकता पड़ने पर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करने, टूटे तारों और गिरे बिजली के खंभों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों और नियंत्रण कक्षों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
नदी किनारे रहने वाले क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी के निर्देश दिए हैं। पशुधन विकास विभाग को नदी किनारे के इलाकों से मवेशियों को सुरक्षित स्थानों और गौठानों में पहुंचाने के साथ-साथ चारा और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडारण करने को कहा गया है।
जर्जर भवनों और पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर की लोगों से अपील—नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से रहें दूर
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिले के लोगों से अपील की है कि अत्यावश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लेने और नदी, बांध, नाले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जलमग्न रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
मुंगेली में बारिश को लेकर प्रशासन की 7 बड़ी तैयारियां
खुड़िया बांध के जलस्तर की हर घंटे निगरानी
डाउनस्ट्रीम गांवों को पहले से सूचना देने की व्यवस्था
जलमग्न पुल और रपटों पर जीरो क्रॉसिंग
अस्पतालों में एंटी-वेनम और जरूरी दवाओं का स्टॉक
एंबुलेंस और मेडिकल टीम 24 घंटे स्टैंडबाय
जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर निगरानी
नदी किनारे मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
जरूरी सूचना: बारिश के दौरान नदी, बांध, रपटा, नाला या जलभराव वाले रास्तों के पास जाने से बचें। पानी के तेज बहाव में सड़क या पुल पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।