जनपद सदस्य रजनी जय ओगरे ने जिला पंचायत सीईओ से की शिकायत, स्वीकृत स्थल पर काम नहीं होने और दूसरे स्थान पर निर्माण कराने का आरोप
मुंगेली@भास्कर पथ । जनपद पंचायत मुंगेली के क्षेत्र क्रमांक-6 टेढ़ाधौरा की जनपद सदस्य रजनी जय ओगरे ने ग्राम पंचायत नारायणपुर के आश्रित ग्राम केशलीखुर्द में स्वीकृत सोलर वाटर टैंक के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुंगेली को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जनपद सदस्य ने शिकायत में बताया कि केशलीखुर्द के ग्रामीणों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 26.55 लाख रुपए की लागत से सोलर वाटर टैंक स्वीकृत किया गया था। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों की मौजूदगी में भूमिपूजन भी कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार उस समय कार्य को लेकर किसी प्रकार का विवाद या ग्रामीणों की आपत्ति सामने नहीं आई थी।
स्वीकृत स्थल के बजाय दूसरे स्थान पर निर्माण का आरोप
रजनी जय ओगरे का आरोप है कि भूमिपूजन के बाद स्वीकृत स्थल पर सोलर वाटर टैंक का निर्माण नहीं कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि प्रस्तावित ग्राम अथवा स्थल के बजाय किसी अन्य पंचायत में स्थल परिवर्तन कर निर्माण कार्य कराया गया है। जनपद सदस्य ने बताया कि इस संबंध में जानकारी उन्हें ग्रामवासियों से मिली है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले करीब चार वर्षों से कागजों में कार्य कराए जाने की जानकारी बताकर ग्रामीणों को स्थिति से अनभिज्ञ रखा गया। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत स्थल पर वास्तविक रूप से निर्माण कार्य नहीं हुआ है तो योजना का उद्देश्य प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
45 हितग्राहियों के आधार कार्ड लेने का भी आरोप
शिकायत में करीब 45 हितग्राहियों के आधार कार्ड लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। जनपद सदस्य के अनुसार ग्राम केशली के इन लोगों को लाभान्वित परिवार के रूप में दर्शाए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि स्वीकृत स्थल पर कार्य नहीं होने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों और हितग्राहियों की जानकारी की जांच कराने की मांग की है।
भौतिक जांच के लिए निष्पक्ष टीम बनाने की मांग
जनपद सदस्य रजनी जय ओगरे ने जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वीकृत स्थल का भौतिक निरीक्षण कराया जाए। इसके लिए उन्होंने निष्पक्ष जांच टीम गठित करने की मांग की है।
उन्होंने स्वीकृति से लेकर निर्माण कार्य, स्थल परिवर्तन, हितग्राहियों की सूची, आधार कार्ड संबंधी दस्तावेज और अब तक जारी राशि एवं भुगतान की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यदि जांच में वित्तीय अनियमितता अथवा कार्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, जिम्मेदार व्यक्तियों और ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों के हित में जल्द कार्य शुरू कराने की मांग
जनपद सदस्य ने कहा कि सोलर वाटर टैंक जैसी पेयजल योजना का सीधा संबंध ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकता से है। इसलिए योजना का कार्य निर्धारित उद्देश्य और स्वीकृत स्थल के अनुरूप जल्द पूरा कराया जाना चाहिए। उन्होंने केशलीखुर्द में पूर्व निर्धारित स्थल पर सोलर वाटर टैंक का कार्य शीघ्र कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल सुविधा मिल सके।
शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर मुंगेली, मुख्य अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मुंगेली तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगेली को भी भेजी गई है।
फिलहाल जनपद सदस्य द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र अथवा विभागीय स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वीकृत सोलर वाटर टैंक की वास्तविक स्थिति क्या है, स्थल परिवर्तन हुआ या नहीं, कार्य के नाम पर कितनी राशि खर्च की गई और हितग्राहियों से संबंधित दस्तावेजों का उपयोग किस प्रक्रिया के तहत किया गया।