

मुंगेली। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुंगेली पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया। छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर उन्हें विद्यार्थियों और समाज में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित करना रहा।
शिक्षकों का किया गया सम्मान, घर पहुंचकर भी दिया साइबर सुरक्षा का संदेश

शिक्षक दिवस के मौके पर थाना जरहागांव, सिटी कोतवाली मुंगेली, सरगांव और पथरिया पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों का सम्मान किया। पुलिस ने शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर ‘साइबर शिक्षा से साइबर सुरक्षा’ का संदेश दिया।
पुलिस टीमों ने शिक्षकों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, OTP साझा करने, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया फ्रॉड समेत विभिन्न साइबर अपराधों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। कई शिक्षकों के घर पहुंचकर भी उन्हें सम्मानित किया गया।
सरगांव में 1150 बच्चों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी
अभियान के तहत थाना सरगांव पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान करीब 1150 स्कूली बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
पुलिस के अनुसार, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल सरगांव में करीब 300, कन्या शाला में करीब 450 और स्वामी आत्मानंद स्कूल सरगांव में करीब 400 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जागरूक किया गया।
QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता अभियान से जुड़े विद्यार्थी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही सेल्फी स्टैंड के माध्यम से ‘मैं हूँ साइबर शिक्षक’ और ‘साइबर शिक्षा से साइबर सुरक्षा’ संदेश के साथ सेल्फी लेकर अभियान में सहभागिता भी कराई गई।
शिक्षकों को दी ‘साइबर शिक्षक’ की जिम्मेदारी
मुंगेली पुलिस के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को केवल साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने विद्यार्थियों, परिवार और आसपास के लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित करना रहा।
पुलिस ने संदेश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। यदि शिक्षक स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति सजग होंगे तो वे विद्यार्थियों और समाज को भी ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए बेहतर तरीके से जागरूक कर सकेंगे।
मुंगेली पुलिस की अपील
मुंगेली पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी, PIN या संवेदनशील दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं।
मुख्य संदेश: साइबर शिक्षा से साइबर सुरक्षा।
