
मुंगेली। छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत मुंगेली जिले में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आमजन, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और शासकीय कर्मचारियों को Online Fraud, Cyber Crime और Social Media Scam से बचने के जरूरी उपाय बताए गए।

सोशल मीडिया यूजर्स को किया जागरूक
5 सितंबर 2026 को साइबर सेल एवं सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने होटल पुनीत में सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों को साइबर सुरक्षा और सुरक्षित सोशल मीडिया इस्तेमाल के संबंध में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सउनि मधुकर रात्रे, बबीता श्रीवास और अतुल ठाकुर ने लोगों को फर्जी कॉल, संदिग्ध मैसेज, अनजान लिंक, OTP, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी साइबर जागरूकता का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

300 विद्यार्थियों को दी Cyber Safety की जानकारी
इसके बाद ग्राम कंतेली के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 300 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने और संदिग्ध गतिविधियों से सावधान रहने की जानकारी दी गई।
तहसील स्टॉफ और अधिवक्ताओं को भी दी जानकारी
इसी क्रम में थाना पथरिया के थाना प्रभारी निरीक्षक पवन देवांगन ने तहसील कार्यालय पथरिया में तहसील स्टॉफ और अधिवक्ताओं को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
लोगों को विशेष रूप से Online Banking और Digital Payment के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो बिना देरी किए Cyber Crime Helpline Number 1930 पर शिकायत करनी चाहिए।
मुंगेली पुलिस की लोगों से अपील
मुंगेली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल लेन-देन करते समय सतर्क रहें और किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” जिले के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार जारी है।
