
मुंगेली/लोरमी। जिले के लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में हुए दंपति के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद और पुरानी रंजिश के चलते मृतक नंदकुमार कश्यप के सगे भाई नंदु कश्यप ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की कुदरी भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने भाई नंदकुमार कश्यप और उसकी पत्नी गौरीबाई कश्यप की हत्या करना स्वीकार किया है।
घर के अंदर अलग-अलग बिस्तरों पर मिले थे दंपति के शव
मामला 24 अगस्त 2026 को सामने आया। मृतक दंपति के बेटे मोहन कश्यप ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता ग्राम नवलपुर स्थित अपने मकान में रहते थे। 18 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज खत्म होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।
23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद जब उसने माता-पिता को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। लगातार संपर्क नहीं होने पर 24 अगस्त को मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा।
नंदु ने घर पर ताला लगे होने की जानकारी दी। इसके बाद मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के बाहर ताला लगा था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार कश्यप और गौरीबाई कश्यप अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा और अन्य वैधानिक कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोरमी पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर स्थित सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की बात सामने आने के बाद लोरमी थाने में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर था विवाद
पुलिस की जांच में सामने आया कि नंदकुमार और उसके भाई नंदु कश्यप के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, दोनों भाइयों के पिता के पास करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन थी। इसमें दोनों भाइयों के हिस्से में करीब 3-3 एकड़ जमीन आई थी, जबकि करीब 1 एकड़ जमीन बहन के नाम की गई थी। लगभग 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी।
माता-पिता की देखरेख करने के कारण यह जमीन नंदु कश्यप को मिलने की बात कही गई थी। पुलिस के मुताबिक, माता-पिता की मृत्यु के बाद नंदकुमार द्वारा इस 50 डिसमिल जमीन में आधा हिस्सा मांगने को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया था।
हत्या से दो दिन पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 16 अगस्त को दोनों भाइयों के बीच खेत को लेकर विवाद हुआ था। नंदु अपने खेत में खाद डालकर मेड़ बांधकर आया था। आरोप है कि नंदकुमार ने मेड़ तोड़ दी, जिससे खाद पानी के साथ बह गई।
इसके बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद और बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे नंदु अपने भाई नंदकुमार के घर उसे मारने के इरादे से पहुंचा था। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदु वापस अपने घर चला गया।
रात में घर में घुसकर किया हमला
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त की दरम्यानी रात नंदु कश्यप लोहे की कुदरी लेकर अपने भाई के घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ।
सीढ़ियों से नीचे उतरने पर उसने देखा कि नंदकुमार और उसकी पत्नी गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग स्थान पर सो रहे थे। आरोप है कि नंदु ने पहले नंदकुमार के सिर पर लोहे की कुदरी से हमला किया।
हमले की आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने नंदु को पहचान लिया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने गौरीबाई पर भी कुदरी से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
पुलिस को गुमराह करने के लिए घर में सामान किया अस्त-व्यस्त
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने घटना को चोरी जैसा दिखाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से घर के कमरे और अलमारी खोल दिए।
इसके बाद उसने आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और हत्या में इस्तेमाल कुदरी को धोया। मकान को बाहर से ताला लगाकर आरोपी वहां से चला गया और घटना में इस्तेमाल कुदरी को ट्यूबवेल में छिपा दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ट्यूबवेल से लोहे की कुदरी बरामद की। पूछताछ और जांच में साक्ष्य मिलने के बाद नंदु कश्यप को 1 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में लोरमी थाना पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम की अहम भूमिका रही। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी, प्र.आर. नरेश यादव, दयाल गवास्कर, यशवंत डाहिरे, नोखे लाल कुर्रे, रवि जांगड़े, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, अतुल ठाकुर, राहुल कांत कश्यप, गिरीराज सिंह, राम कश्यप, राजू साहू, दिलेश्वर साहू और सैनिक कुलदीप सिंह की भूमिका रही।
पुलिस के मुताबिक, जमीन विवाद से शुरू हुई पुरानी रंजिश ने आखिरकार नवलपुर में एक दंपति की जान ले ली। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जा रही है।