अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग । पांच वर्षीय बालिका से गंभीर लैंगिक अपराध के प्रकरण में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने आजीवन कारावास सहित विभिन्न सजाओं से दण्डित किया है। वहीं अर्थदण्ड अदा नही करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा निर्धारित की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उमनि विजय अग्रवाल से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार विगत माह 10 अप्रैल को थाना उतई क्षेत्र में चार – पांच वर्षीय बालिका से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना प्राप्त होने पर थाना उतई में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर 25 अप्रैल को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायिक अभिलेख के अनुसार प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) , 87 , 109 , 238 एवं 65(2) , लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(व्ही) के अंतर्गत अभियोजन किया गया। विशेष न्यायालय (पॉक्सो) दुर्ग द्वारा 25 सितम्बर 2026 को निर्णय पारित कर आरोपी को दोषसिद्ध किया गया तथा 26 सितम्बर को सजा संबंधी आदेश पारित किया गया। न्यायालय द्वारा विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास , 07 वर्ष , 10 वर्ष एवं 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजायें तथा विभिन्न धाराओं में कुल 13000 रुपये का अर्थदण्ड निर्धारित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भी निर्धारित की गई।
आरोपी –
धनेंश्वर साहू उर्फ जनता उम्र 40 वर्ष निवासी – बंजारीपारा उतई , थाना – उतई , जिला – दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
सराहनीय कार्य –
प्रकरण की विवेचना एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही में श्रीमती भारती मरकाम नगर पुलिस अधीक्षक नेवई , निरीक्षक महेश ध्रुव तत्कालीन थाना प्रभारी उतई – वर्तमान थाना प्रभारी थाना धमधा , उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा तत्कालीन थाना उतई – वर्तमान थाना प्रभारी थाना पुरानी भिलाई , आरक्षक जी. जगमोहन , राजीव दुबे , महेश यादव , विक्रम साहू , महिला आरक्षक पूजा सोनकर , बिंदु भाले , थाना उतई तथा आरक्षक खेमू राम साहू , रक्षित केन्द्र दुर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर समयबद्ध रूप से अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की ओर से न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती रूपवती तेलीदार द्वारा पैरवी की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील –
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहें। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध , शोषण अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पीड़ित बच्चे की पहचान एवं निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा प्रकरण से संबंधित संवेदनशील जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक ना करें। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचित कर आवश्यक सहयोग प्रदान करें।