मुंगेली पुलिस ने साइबर फ्रॉड, यातायात नियम, नशामुक्ति और बाल संरक्षण को लेकर किया जागरूक
मुंगेली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में मुंगेली पुलिस द्वारा बुधवार को रैम्बो एम.ई.एम.एच. स्कूल, मुंगेली में ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के 503 छात्र-छात्राओं और 31 शिक्षकों ने सहभागिता की। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के साथ-साथ यातायात सुरक्षा, नशामुक्ति, बाल संरक्षण और नए कानूनों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलते डिजिटल दौर में साइबर अपराधों के प्रति सजग करना और उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूक करना रहा। पुलिस ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्कता बरतने की समझाइश दी।
फर्जी लिंक और ओटीपी से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, बैंकिंग धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या किसी के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी अथवा पासवर्ड साझा करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
पुलिस ने साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
यातायात नियमों के पालन की दी समझाइश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की भी जानकारी दी गई। यातायात संकेतों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने की समझाइश दी गई।
विद्यार्थियों से कहा गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। पुलिस ने बताया कि छोटी-सी लापरवाही भी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है।
नशे से दूर रहने का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना परिवार, स्कूल और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की हिदायत दी गई।
नवीन कानून और पॉक्सो एक्ट की जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को देश में लागू नवीन कानूनों तथा पॉक्सो (POCSO) एक्ट से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी गई। बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
पुलिस ने समझाया कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, उत्पीड़न या परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। विद्यार्थियों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर सेल्फी कॉर्नर से जुड़ने की अपील
मुंगेली पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत विशेष ‘साइबर सेल्फी कॉर्नर’ भी तैयार किए गए हैं। पुलिस ने विद्यार्थियों और आम नागरिकों से इन सेल्फी पॉइंट पर पहुंचकर सेल्फी लेने तथा उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर साइबर सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाने की अपील की।
पुलिस ने इस पहल के माध्यम से युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में सहभागी बनने और ‘साइबर वॉरियर’ के रूप में अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
मुंगेली पुलिस का यह अभियान विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के साथ सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
