मुंगेली। दुर्गोत्सव केवल आस्था और उत्साह का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, संवेदनशीलता और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए मुंगेली शहर के दाऊपारा स्थित प्रसिद्ध हरि ॐ दुर्गोत्सव समिति ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। समिति के एक सदस्य के परिवार में आकस्मिक दुखद घटना के चलते समिति ने इस वर्ष दुर्गोत्सव के दौरान होने वाले भव्य आयोजनों को रद्द करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। समिति के इस फैसले की मुख्य भावना यही है कि परिवार के किसी सदस्य के दुख में सभी साथी उसके साथ खड़े रहें।
सादगी और भक्तिभाव के साथ होगा माता रानी का आगमन
समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मां दुर्गा की प्रतिमा का आगमन आज दोपहर 1 बजे होगा। हालांकि, सदस्य के परिवार में शोक की स्थिति को देखते हुए समिति ने माता रानी के स्वागत के लिए पूर्व निर्धारित बैंड-बाजे और भव्य आतिशबाजी के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है।
समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सादगी, शांति और पूर्ण भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा का स्वागत करें। समिति का मानना है कि इस कठिन समय में उत्सव की भव्यता से अधिक महत्वपूर्ण अपने साथी और उसके परिवार की भावनाओं का सम्मान करना है।
नवमीं पर होने वाला देवेश शर्मा का जगराता भी निरस्त
दुर्गोत्सव के अंतर्गत 19 अक्टूबर, नवमीं तिथि को जसगीत सम्राट देवेश शर्मा का भव्य जगराता आयोजित किया जाना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह था, लेकिन समिति के सदस्य के परिवार में आई दुखद परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए समिति ने इस आयोजन को भी निरस्त करने का निर्णय लिया है।
समिति के इस निर्णय से स्पष्ट है कि उसके लिए धार्मिक आयोजन की भव्यता से बढ़कर आपसी संवेदनाएं और पारिवारिक संबंध हैं।
‘समिति नहीं, एक परिवार हैं हम’
हरि ॐ दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने कहा कि समिति केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है, जिसमें सभी सदस्य सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। परिवार के किसी सदस्य पर संकट आने पर सभी साथियों का दायित्व है कि वे उसके दुख में सहभागी बनें और उसे संबल प्रदान करें।
समिति के सदस्यों के अनुसार, आपसी सहयोग, भाईचारा और संवेदनशीलता ही किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक पहचान होती है। इसी भावना के साथ इस वर्ष दुर्गोत्सव के प्रमुख आयोजनों को सादगीपूर्वक संपन्न करने का निर्णय लिया गया है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
हरि ॐ दुर्गोत्सव समिति, दाऊपारा के समस्त सदस्यों ने क्षेत्र के नागरिकों और मां दुर्गा के भक्तों से इस निर्णय में सहयोग करने की अपील की है। समिति ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे मां दुर्गा की पूजा-अर्चना में शामिल होकर शांति, सादगी और श्रद्धा के साथ पर्व मनाएं।
हरि ॐ दुर्गोत्सव समिति का यह निर्णय संदेश देता है कि सच्ची आस्था केवल उत्सव की भव्यता में नहीं, बल्कि किसी के दुख में उसके साथ खड़े होने और मानवीय संवेदनाओं का सम्मान करने में भी निहित है।



