वर्षों के रियाज और साधना से हासिल की उपलब्धि, मुंगेली सहित छत्तीसगढ़ में खुशी
मुंगेली। जिले के युवा कथक कलाकार शिवम सिंह राजपूत ने अपनी प्रतिभा, निरंतर रियाज और साधना के दम पर कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन दूरदर्शन केंद्र दिल्ली में ‘बी-ग्रेड’ कथक कलाकार के रूप में हुआ है। शिवम की इस उपलब्धि से मुंगेली सहित पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है।
शिवम ने इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की है। वर्तमान में वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक, नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कथक की पढ़ाई कर रहे हैं। कथक के प्रति उनकी निरंतर साधना और अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
गुरु के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय
अपनी उपलब्धि पर शिवम सिंह राजपूत ने अपनी सफलता का श्रेय कथक गुरु धीरेन्द्र तिवारी को दिया। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन, आशीर्वाद और निरंतर प्रेरणा ने उनकी कला यात्रा को नई दिशा दी। कथक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नियमित रियाज और गुरु के मार्गदर्शन को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
परिवार से मिला निरंतर सहयोग
शिवम के पिता विष्णु सिंह राजपूत ग्राम पंचायत सचिव हैं, जबकि माता शकुंतला राजपूत पीएमश्री बीआर साव शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, मुंगेली में प्रधानपाठक हैं। परिवार ने शिवम की कला साधना को हमेशा प्रोत्साहित किया और उनकी कला यात्रा में निरंतर सहयोग दिया।
मुंगेली और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव
दिल्ली दूरदर्शन में ‘बी-ग्रेड’ कलाकार के रूप में चयन शिवम सिंह राजपूत के वर्षों के परिश्रम, निरंतर रियाज और कथक के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। युवा कलाकार की इस उपलब्धि से मुंगेली के कला प्रेमियों और उनके शुभचिंतकों में उत्साह है। उनकी सफलता ने यह भी साबित किया है कि ग्रामीण और छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी निरंतर मेहनत और साधना के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
शिवम की इस उपलब्धि को मुंगेली और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। उनके चयन से युवा कलाकारों को भी कथक सहित भारतीय शास्त्रीय कलाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।