10वें प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेशभर के साहित्यकार हुए शामिल, छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने सहित भाषा के व्यापक उपयोग पर हुआ मंथन
मुंगेली। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 10वां प्रांतीय सम्मेलन 26 एवं 27 सितंबर 2026 को बेमेतरा के पिकरी स्थित होटल द किंग्स महल में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से साहित्यकारों, कवियों और भाषा प्रेमियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुंगेली जिले का प्रतिनिधित्व साहित्यकार एवं कवि अशोक कुमार यादव ने किया। उन्होंने सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘राखी’ और ‘तीजा तिहार’ विषय पर आधारित कविताओं की प्रस्तुति देकर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया।
सम्मेलन का शुभारंभ दुर्ग सांसद विजय बघेल, विधायक दीपेश साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा तथा कवि एवं साहित्यकार मीर अली मीर की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्या की देवी मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद सरस्वती वंदना और राजकीय गीत प्रस्तुत किया गया।
अतिथियों का किया गया स्वागत
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने सम्मेलन में पहुंचे अतिथियों का पुष्पगुच्छ, खुमरी और गमछा भेंटकर स्वागत किया। दो दिवसीय सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यकारों और कवियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य से जुड़े विषयों पर विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, उसके संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति लोगों में जागरूकता और जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया।
कवि अशोक यादव ने प्रस्तुत कीं दो छत्तीसगढ़ी कविताएं
मुंगेली जिले से सम्मेलन में शामिल हुए कवि अशोक कुमार यादव ने छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘राखी’ और ‘तीजा तिहार’ विषय पर दो कविताओं की प्रस्तुति दी। उनकी कविताओं में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा, तीज-त्योहार और सामाजिक जीवन की झलक देखने को मिली।
अशोक कुमार यादव यादव समाज सेवा समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष भी हैं। वे लंबे समय से साहित्य एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उनकी कविताओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के प्रयास किए जा रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण और संवर्धन को लेकर अपनी रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रशस्ति पत्र और बैग देकर किया सम्मानित
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में सहभागिता के लिए कवि अशोक कुमार यादव को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की ओर से बैग एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर उन्होंने आयोग के पदाधिकारियों एवं सम्मेलन के आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा केवल बोलचाल का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, लोकपरंपरा और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए साहित्यकारों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग प्रमुख उद्देश्य
सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ी भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयासों को गति देना, प्रारंभिक शिक्षा में छत्तीसगढ़ी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना तथा प्रशासनिक कार्यों में छत्तीसगढ़ी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग की दिशा में चर्चा एवं जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
सम्मेलन में साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के व्यापक उपयोग, नई पीढ़ी को भाषा से जोड़ने, विद्यालयीन स्तर पर भाषा के अध्ययन और साहित्य सृजन को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर भी विचार रखे।
दो दिवसीय आयोजन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों की सहभागिता से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के प्रति रचनात्मक वातावरण बना। मुंगेली के कवि अशोक कुमार यादव की सहभागिता और उनकी छत्तीसगढ़ी कविताओं की प्रस्तुति ने जिले की साहित्यिक गतिविधियों को भी प्रदेश स्तरीय मंच पर पहचान दिलाई।