ABY स्कूल में बच्चों ने शिक्षक बनकर पढ़ाया, शिक्षकों का किया सम्मान

मुंगेली/सेतगंगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर ABY इंग्लिश मीडियम स्कूल सेतगंगा में विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका निभाई और अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग विषयों की कक्षाएं लेकर शिक्षण कार्य किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने शिक्षकों के लिए मनोरंजक प्रतियोगिताएं और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

विद्यार्थियों ने निभाई शिक्षक की भूमिका

शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों ने शिक्षक बनकर कक्षाओं में अपने पसंदीदा विषयों को पढ़ाया। विद्यार्थियों के शिक्षण कौशल का शिक्षकों द्वारा विभिन्न बिंदुओं के आधार पर आकलन किया गया। इसमें शिक्षक की वेशभूषा, कक्षा में शांत एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखना, रुचिपूर्ण तरीके से पढ़ाना, बोर्ड वर्क तथा कक्षा में प्रभावी सम्प्रेषण जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया।

इन सभी आधारों पर विद्यार्थियों को अंक प्रदान किए गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान का चयन किया गया तथा उन्हें पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

रंगारंग कार्यक्रम के साथ शिक्षकों के लिए प्रतियोगिताएं

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों का स्वागत किया और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने अपने शिक्षकों के मनोरंजन के लिए कुर्सी दौड़, बॉल पास और चिट उठाव जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। प्रतियोगिताओं में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।

बच्चों की प्रतिभा निखारने में शिक्षक की बड़ी भूमिका : मनोहर यादव

विद्यालय के एमडी मनोहर यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक मूर्तिकार अपने हुनर से एक अनगढ़ पत्थर को तराशकर सुंदर मूर्ति का रूप देता है और उसमें मानो जान डाल देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों के भीतर छिपे कौशल, हुनर और प्रतिभा को बाहर निकालने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर बनाने के लिए उनके माता-पिता अनेक सपने देखते हैं। उन सपनों को साकार करने में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए कक्षा में 40 बच्चे हो सकते हैं, लेकिन अपने माता-पिता के लिए प्रत्येक बच्चा ‘वन पीस’ है। यही बच्चे आगे चलकर अपने घर-परिवार के साथ-साथ राष्ट्र की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

मनोहर यादव ने शिक्षकों से कहा कि प्रत्येक बच्चे पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा उनके भीतर छिपी प्रतिभा, कौशल और हुनर को पहचानकर उसे सामने लाने का प्रयास किया जाए। बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर देने से वे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विद्यालय की एचएम मालती भारद्वाज, साहिल यादव, काजल, गीता, कृष्ण रात्रे, द्रोपती, रोशनी, थनेश्वरी, शशि सोनवानी, विभा, उषा टोन्डर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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